अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार इराक की संसद के सभापति हुज्जतुल इस्लाम वल मुसलेमीन सैयद अम्मार हकीम ने विश्व अहलेबैत परिषद के छठे बैठक के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए कहा: हम पिछली कई दहाइयों से ईरान में इस तरह के भव्य सम्मेलन को देखते आए हैं लेकिन इस बार यह सम्मेलन ऐसी स्थिति में आयोजित हो रहा है जबकि इस्लामी दुनिया को मुश्किलों का सामना है।
सैयद अम्मार हकीम ने कहा कि सुपर पावर देश विकासशील देशों का मुकाबला करने की शक्ति नहीं रखते जैसा कि ईरान के परमाणु वार्ता में देखा गया। क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के संबंध में परिवर्तन आ गया है और आतंकवाद तेजी से फैल रहा है।
उन्होंने कहा: आज अहलेबैत (अ) के मानने वालों के लिए खुद को पहचनवाने का सबसे अच्छा और ऐतिहासिक अवसर है जोकि सैकड़ों साल से शियों की ओर से की गई मेहनत और प्रयास का परिणाम है। और यह ऐतिहासिक अवसर इस्लामी इंकेलाब ,इमाम खुमैनी और सुप्रीम लीडर के मुबारक वुजूद के कारण है।
इराकी संसद के स्पीकर ने इस्लामी इंकेलाब के लक्ष्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस्लामी इंकेलाब हमेशा से कमज़ोर और पीड़ित क़ौमों का समर्थन करता आया है उन्होंने कहा: इस्लामी इंकेलाब का उद्देश्य ऐसी सरकार बनाना था जो इमामे ज़माना (अ) की ज़ुहूर के मार्ग को प्रशस्त करे। हमारी रणनीति शियों के लिए ऐसी सरकार अस्तित्व में लाना है कि अहलेबैत के अनुयायियों के लिए शांति और सुरक्षा का उपहार लाए।
उन्होंने अंत में कहा कि शियों को चाहिए कि अन्य मुसलमानों के साथ अपने संबंधों बढ़ाऐं और आर्थिक रूप से शियों को मजबूत करें।